वन्यजीव अपराध रोकने के लिए एजेंसियां होंगी एकजुट, रांची में हुई अहम बैठक

Agencies to unite to curb wildlife crime

Agencies to unite to curb wildlife crime

रांची। Agencies to unite to curb wildlife crime, वन्यजीवों की हत्या और शिकार को रोकना सरकार की सबसे बड़ी प्राथमिकता है। बुधवार को वन्यजीवों के खिलाफ होने वाली हिंसा और अपराध की रोकथाम के लिए मध्यक्षेत्र के वाइल्ड लाइफ क्राइम कंट्रोल ब्यूरो की बैठक रांची के वन विभाग में हुई।

इसमें वन्यजीवों की हिंसा रोकने से संबंधित सभी एजेंसी के लोगों ने हिस्सा लिया। दिल्ली से आईं वाइल्डलाइफ क्राइम कंट्रोल बोर्ड की एडिशनल डायरेक्टर भारतीय पुलिस सेवा की अधिकारी रुचिका ऋषि ने वन्य प्राणी की सुरक्षा, संरक्षण और तस्करी से बचाव पर सभी एजेंसियों को मिलकर काम करने की सलाह दी।उन्होंने कहा कि वन विभाग के साथ ईडी, सीबीआइ, सीआइएसएफ जैसी सभी सुरक्षा एजेंसियों मिलकर कार्य करना होगा। तभी हमारे वन्य जीव जो प्रकृति की अनमोल देन है सुरक्षित रह पाएंगे। रुचिका ऋषि ने वन्यजीव अपराधों के प्रभावी अनुसंधान एवं अभियोजन के लिए नियमित अंतराल पर सभी विभागों की बैठक का सुझाव दिया।

बैठक की अध्यक्षता करते हुए राज्य के प्रधान मुख्य वन संरक्षक संजीव कुमार ने कहा कि झारखंड समेत देश के किसी हिस्से में वन्यजीवों के खिलाफ होने वाली हिंसा को सख्ती से रोका जाएगा। संजीव कुमार ने कहा कि वन्यजीव अपराधों एवं वन्यजीव तस्करी की रोकथाम के लिए इससे जुड़ी एजेंसियों के बीच समन्वय को और अधिक सुदृढ़ बनाने की आवश्यकता है।

इसके लिए प्रत्येक विभाग द्वारा नोडल अधिकारियों के नामांकन, आनलाइन केस प्रबंधन के साथ वित्तीय जांच और वन्यजीव अपराधियों के प्रोफाइल को अपडेट करने की आवश्यकता है।

वन्यजीवों के अंग की तस्करी करने वाले संसाधनों पर रोक आवश्यक

बैठक में प्रधान मुख्य वन संरक्षक संजीव कुमार ने कहा कि वन्यजीव एवं उनके अंगों की अवैध तस्करी को रोकने के लिए हवाई, रेल एवं सड़क मार्गों के साथ-साथ डाकघरों एवं कुरियर सेवाओं के माध्यम से होने वाले अवैध परिवहन पर प्रभावी निगरानी स्थापित की जाए। इसके साथ ही, वन्यजीव अपराधों से संबंधित सूचनाओं का समय पर आदान प्रदान के लिए एक समर्पित तंत्र विकसित करना होगा।

राज्य की भौगोलिक स्थिति के अनुरुप हो सुरक्षा

प्रधान मुख्य वन संरक्षक वन्य प्राणी सह मुख्य वन्य प्राणी प्रतिपालक राजीव रंजन ने बैठक में कहा कि झारखंड की भौगोलिक परिस्थिति अन्य राज्यों से भिन्न है। इस कारण इस पर विशेष कार्य नीति बनाकर कार्य करने की आवश्यकता है।

राज्य के मुख्य वन संरक्षक वन्य प्राणी एसआर नटेश ने कहा कि वन्य प्राणी अपराध में कमी लाने के लिए जनता के बीच जागरूकता अभियान चलाने की आवश्यकता है। कई बार लोग साइबर अपराधियों तथा इंटरनेट मीडिया के प्रभाव में गलत कार्य कर वन्य प्राणियों को नुकसान पहुंचाते हैं।